तुम चाहते हो
शराब और शवाब के एवज मे लिख दुँ तेरे नाम
चंद लाइंने
ए दिल मुझे
कमजोर मत समझना
लिखता हुँ वहि
जो तु पढ़ न सके
तुझे तेरे लिये
तलाशना तरासना
आदत है मेरी
बदलजा वक्त से
कि न बदले जो साथ
समय के
बर्बाद हुए
मिट्टी मेँ मिलगये
लेबल
- अनुवाद (3)
- कविता (47)
- काहानी (8)
- जीवन अनुभव (38)
- तर्क वितर्क (4)
- दिल से (16)
- पदचिन्ह (7)
- व्यंग्य (8)
- शब्द परिचय (7)
- हास्य कविता (1)
शनिवार, 9 जनवरी 2016
मंगलवार, 22 दिसंबर 2015
इतिहास को किताबोँ मे ही दफ्न रहने दो
हिन्दोस्तानी इतिहास को किताबोँ मे ही कैद रखना पसंद करते है.....,,,
वो अतीत को आदर करते हे
सम्मान और प्रणाम भी करते हे
परंतु उससे सिखते विखते कुछ नहीँ........
आज मुझे वो हाइस्कुल के दिन याद आते है...
जब शाम तिन बजे इतिहास का पिरियड़ शुरु होता था
क्लासमे
तिन या चार छात्रोँ को छोड़ देँ तो बाकी के छात्र केवल स्कुल बैल कि घँटि कि प्रतीक्षा मे बैठे पायेजाते थे......
ज़ाहिर सी बात है भारतीय लोग इतिहास को #बकलोली ही समझते है....
नज़ाने किस नामुराद् ने इतिहास को पठन का विषय बनादिया....
इतिहास किताबोँ मे ही कैद अछा लगता है .....
वो अतीत को आदर करते हे
सम्मान और प्रणाम भी करते हे
परंतु उससे सिखते विखते कुछ नहीँ........
आज मुझे वो हाइस्कुल के दिन याद आते है...
जब शाम तिन बजे इतिहास का पिरियड़ शुरु होता था
क्लासमे
तिन या चार छात्रोँ को छोड़ देँ तो बाकी के छात्र केवल स्कुल बैल कि घँटि कि प्रतीक्षा मे बैठे पायेजाते थे......
ज़ाहिर सी बात है भारतीय लोग इतिहास को #बकलोली ही समझते है....
नज़ाने किस नामुराद् ने इतिहास को पठन का विषय बनादिया....
इतिहास किताबोँ मे ही कैद अछा लगता है .....
2015 मे कन्तिउ गाँव कि कुछ चर्चित घटना
2015 गाँव Kantio के लिये अजीबोगरीब था......
फरवरी मे गाँववालोँ ने एक शराबी को झुलते देख देवी आयी है समझा और उसे भरपेट
# पणाया # ओड़िआओँका लस्सी पिलादिया
वेचारा उहा से जाके फिन दुसरे जगह पर झुलने लगा
मार्च माह मे ही हमने देखा कैसे एक # वर # कन्याके गाँवमे अपने ही बारातीओँ के साथ मिलकर नाचा था....
पता नहीँ उसे वियर का नाशा चढ़ा था या शादी कि अत्यधिक खुसी थी
अप्रेल आते आते बग्गा मामा गाँववालोँ के लिये शिरदर्द बनगये थे
पहले ही उन्होने सरपँच मिश्राजी को जान से मारने कि धमकी दी थी...वही एक दिन
कौतुकप्रिय मामाजी के हातोँ से
बिचारा एक नशेड़ी ब्राह्मणी नदी मे मरते मरते बचा था ।
मई जुन मेँ गाँव के नये नये जवान हुए लौँडो ने अजीब अजीब जानवरोँ कि आवाजेँ निकालकर लोगोँ को डराना शुरुकरदिया था और अन्ततः वो सबके
सब Maa khambeswari club के लौँडो के हातोँ पकड़े गये !!
जुलाई मे एक बच्चा उसके दादी के साथ बबण्डर मे फँसकर मरगया...गाँव भरमे भुतप्रेत कि बातेँ होने लगी लोग कहने लगे बच्चे को सुषमा डायन ने मार दिया !! :->
अगष्ट सेप्टम्बर मे गाँव कि दो और लव ष्टोरी दूर्वल Storyline के कारण पीट गयी
एक मे आशिक पीटा दुजे मे लौँडिया किसी और के साथ भाग गयी :-x :-x :-x
सेप्टेम्बर मे ही गाँव का एक भला इंसान दुनिया छोड़गया
एक तरफ उसका शव पड़ा था
दुसरी तरफ से गणेशपूजा विसर्जन करनेवाले पियक्कड लौँडे नाच रहे थे :-@ :-@ ;->
सेप्टेम्बर के एक मूर्तिविसर्जन परेड मे गाँव कि Indian idol - miss kantio लौँडोँ के साथ मिलकर नाचने लगी
तब उसके पिता ने उसे लोक लज्या से बचने हेतु टोक दिया !
फरवरी मे गाँववालोँ ने एक शराबी को झुलते देख देवी आयी है समझा और उसे भरपेट
# पणाया # ओड़िआओँका लस्सी पिलादिया
वेचारा उहा से जाके फिन दुसरे जगह पर झुलने लगा
मार्च माह मे ही हमने देखा कैसे एक # वर # कन्याके गाँवमे अपने ही बारातीओँ के साथ मिलकर नाचा था....
पता नहीँ उसे वियर का नाशा चढ़ा था या शादी कि अत्यधिक खुसी थी
अप्रेल आते आते बग्गा मामा गाँववालोँ के लिये शिरदर्द बनगये थे
पहले ही उन्होने सरपँच मिश्राजी को जान से मारने कि धमकी दी थी...वही एक दिन
कौतुकप्रिय मामाजी के हातोँ से
बिचारा एक नशेड़ी ब्राह्मणी नदी मे मरते मरते बचा था ।
मई जुन मेँ गाँव के नये नये जवान हुए लौँडो ने अजीब अजीब जानवरोँ कि आवाजेँ निकालकर लोगोँ को डराना शुरुकरदिया था और अन्ततः वो सबके
सब Maa khambeswari club के लौँडो के हातोँ पकड़े गये !!
जुलाई मे एक बच्चा उसके दादी के साथ बबण्डर मे फँसकर मरगया...गाँव भरमे भुतप्रेत कि बातेँ होने लगी लोग कहने लगे बच्चे को सुषमा डायन ने मार दिया !! :->
अगष्ट सेप्टम्बर मे गाँव कि दो और लव ष्टोरी दूर्वल Storyline के कारण पीट गयी
एक मे आशिक पीटा दुजे मे लौँडिया किसी और के साथ भाग गयी :-x :-x :-x
सेप्टेम्बर मे ही गाँव का एक भला इंसान दुनिया छोड़गया
एक तरफ उसका शव पड़ा था
दुसरी तरफ से गणेशपूजा विसर्जन करनेवाले पियक्कड लौँडे नाच रहे थे :-@ :-@ ;->
सेप्टेम्बर के एक मूर्तिविसर्जन परेड मे गाँव कि Indian idol - miss kantio लौँडोँ के साथ मिलकर नाचने लगी
तब उसके पिता ने उसे लोक लज्या से बचने हेतु टोक दिया !
सोमवार, 21 दिसंबर 2015
वेचारा राजु प्रधान
हाईस्कुल मे पढ़ते समय कभी कभी हेँडल से दोनो हाथ छोड़ कर साइकेल चला लेते थे
9वीँ कक्षा मे पढ़ते समय एक दिन स्कुल छुट्टि पर हम अपने साइकेल के साथ लौट रहे थे
अपने क्लास का स्टाइलिस वॉय
राजेश उर्फ राजु प्रधान
इसी अदांज मे साइकेल चलाते हुए हमशे आगे निकल गया !
मुझसे यही कोई 100 गज के दूरी पर श्रद्धाजंलि महारणा क्लास कि पढ़ाकु व्युटिक्विन् साईकेल से जा रही थी
युँ तो राजु रोज़ उसे यही लाइन मारता था
लेकिन उसदिन उसकि किस्मत खराब था या कुछ ओर वेचारा रोड़ के नीचेवाले गड़्ढ़े मे जा गिरा
जब हमने कहा कि हाथ छोड़ कर साइकेल चलाने का खामियाज़ा मिला है
तब राजु अपना बचाव करते हुए अपने खास अंदाज से कहता है
नहीँ यार ऐसे हजारोँ लाखोँ वार साइकेल चलाया हुँ
लेकिन उसदिन कमिनी ने आँख मारदिया था .....
हाय उसने जैसे ही आँख मारी
मेरे दिल का ब्रेक फैल हो गया
[extrashot:-Cycle को ओड़िआ मे # शूनगाड़िकहते है]
गुरुवार, 3 दिसंबर 2015
आक कि बात
भगवन शिवजी को अतिप्रिय #उपविष तत्ववाला जैविक पारा के नामसे प्रशिद्ध औषधीय #मदार वृक्ष से संभवतः आप परिचित होगेँ ।
#महाभारत के आदिपर्व मे उपमन्यु कथा आता है
इसमे गुरुआज्ञा से जंगल मे गाय चराने गये धौम्य शिष्य
क्षुधाज्वाला से पीडित उपमन्यु #अर्क का पत्ता खा लेता हे जिससे वो अंधा हो जाता है ।
संस्कृत मे इसे #अर्कसस्यम् कहाजाता है जबकी हिन्दी की आम वोलचाल के भाषा मे #आक अधिक प्रचलित पाया जाता है ।
ओड़िआ लोग आक को #अरख Arakha तथा बंगाली #आकोन्दो Akondo कहते है ।
इसी आक या मदार से जुड़ा एक मजेदार किस्सा याद आ रहा है ।
मेरे गाँव का एक ब्राह्मण लौँडे को
सर्दीओँ के दिनो मे एकबार खुजलीवाला चर्मरोग हो गया था !
वेचारा दिन रात बस खुजला खुजला कर परेशाँ हो जाता था !
अब च्युँकि वो 80का दौर था तथा उसके मातापिता गाँव के गरीब तथा पुराने खयालात् के लोग थे इसलिये इस चर्मरोग का दवादारु करनही पा रहा था !
उन दिनोँ गाँव मेँ सोमुचाचा के बड़े भाई इंदरचाचा सबसे इंटेलिजेँट व टेलेँटेड़ व्यक्ति माने जाते थे !
वो ब्राह्मण लोँडा इंदर मिश्र चाचा के शरण मे गया और कहने लगा
'ताऊ जी कौनो दवादारु बतावो इ खुजलन से बहत परेशान है आजकल ! '
इंदरचाचा ने थोड़ा सोचा फिर कहा ....
जा बचुआ आक का दुध लगा
1 दिनमे तेरा खुजली और बिमारी दोनो ठिक हो जावेगेँ !
लौँडे ने ऐसा ही किया B-) B-) B-)
फिर क्या था ....
देशी दवा कि प्रतिक्रिया से और तेज खुजली होने लगी
वेचारा मन ही मन इंदरचाचा को गारियाने लगा छटपटाने लगा ।
किसी ने कहदिया पोखर मेँ स्नान कर ले
वो औँधे मुँह तालाब कि और भागा .....
और सच्ची बताएँ पोखर के पानी मे जाइके उहे चैन मिली...
आज भी इंदरचाचा आक का दवा देते समय विमार लोगोँ को यह किस्सा सुनते है
और कहते
आक एक अचुक औषध है बस उसको सही मात्रा मे लेना
बहुत जरुरी है नहीँ तो जहर का असर घातक हो सकता है ।
#महाभारत के आदिपर्व मे उपमन्यु कथा आता है
इसमे गुरुआज्ञा से जंगल मे गाय चराने गये धौम्य शिष्य
क्षुधाज्वाला से पीडित उपमन्यु #अर्क का पत्ता खा लेता हे जिससे वो अंधा हो जाता है ।
संस्कृत मे इसे #अर्कसस्यम् कहाजाता है जबकी हिन्दी की आम वोलचाल के भाषा मे #आक अधिक प्रचलित पाया जाता है ।
ओड़िआ लोग आक को #अरख Arakha तथा बंगाली #आकोन्दो Akondo कहते है ।
इसी आक या मदार से जुड़ा एक मजेदार किस्सा याद आ रहा है ।
मेरे गाँव का एक ब्राह्मण लौँडे को
सर्दीओँ के दिनो मे एकबार खुजलीवाला चर्मरोग हो गया था !
वेचारा दिन रात बस खुजला खुजला कर परेशाँ हो जाता था !
अब च्युँकि वो 80का दौर था तथा उसके मातापिता गाँव के गरीब तथा पुराने खयालात् के लोग थे इसलिये इस चर्मरोग का दवादारु करनही पा रहा था !
उन दिनोँ गाँव मेँ सोमुचाचा के बड़े भाई इंदरचाचा सबसे इंटेलिजेँट व टेलेँटेड़ व्यक्ति माने जाते थे !
वो ब्राह्मण लोँडा इंदर मिश्र चाचा के शरण मे गया और कहने लगा
'ताऊ जी कौनो दवादारु बतावो इ खुजलन से बहत परेशान है आजकल ! '
इंदरचाचा ने थोड़ा सोचा फिर कहा ....
जा बचुआ आक का दुध लगा
1 दिनमे तेरा खुजली और बिमारी दोनो ठिक हो जावेगेँ !
लौँडे ने ऐसा ही किया B-) B-) B-)
फिर क्या था ....
देशी दवा कि प्रतिक्रिया से और तेज खुजली होने लगी
वेचारा मन ही मन इंदरचाचा को गारियाने लगा छटपटाने लगा ।
किसी ने कहदिया पोखर मेँ स्नान कर ले
वो औँधे मुँह तालाब कि और भागा .....
और सच्ची बताएँ पोखर के पानी मे जाइके उहे चैन मिली...
आज भी इंदरचाचा आक का दवा देते समय विमार लोगोँ को यह किस्सा सुनते है
और कहते
आक एक अचुक औषध है बस उसको सही मात्रा मे लेना
बहुत जरुरी है नहीँ तो जहर का असर घातक हो सकता है ।
गुरुवार, 26 नवंबर 2015
मोहिनी कि माया से
शिशिरवा.... !
शादी के लिये
तोहरे वास्ते लड़की नाही मिलत का.. ? :-|
काहे ? का हुई गवा चाचा ???
मैनेँ कुछ सोचते हुए सोमुचाचा से पुछा ......
इ लो तुमरे नाम से गाँव भर मेँ अफवाह फैलाया जा रहा है.....
फलानेवालेकी लड़की से तोहरा रिस्ता फिक्स हुवा है.....
का इ बात सच है बचुआ.... ??
अब क्या कहे चाचाजी....
पहलीवाली_लड़कीके घरवालोँ ने तो सिर्फ रिजेक्ट किया था.....
इ तो ससुरे रिजेक्ट करने के साथ साथ मेरा चड़्डी पैँड भी उतारने की फिराक मे लगते है !!!
इनकी बेटीआँ मुझे खा जानेवाली नजरोँ से देखती है
वाप भाई भी मेरे कैरक्टर को लेकर आस्वस्थ है कि चलो अच्छा बंदा है पर उसकी माँ ने मना कर दिया ....
चलो मनाकिया कोई बात नहीँ ये आपकी अधिकार क्षेत्र मे आता है पर का जरुरत थी गाँव भर मे ये ढ़िँडोरा पिटने कि
देखा देवबाबु के लड़के को लड़की नहीँ मिल रहा
सो हमरे घर मे रिस्ता के लिये पुछा था.... हमने तो साफ मना कर दिया !!
का वेकार लौँडा है..... DJ पर डेँस नहीँ करता , गाँव के रस्तोँ मेँ वाईक को हैलिकैप्टर कि तरह नही उडाता ,न वियर पिता है न मेरे बेटे को कभी पिलाया..... ना हमारे जयगुरुवावा का भक्त है
तब ऐसे लालची शर्मिले कुसंस्कारी नास्तिक लौड़ेँ को लड़की दे के का फायदा ???
शादी के लिये
तोहरे वास्ते लड़की नाही मिलत का.. ? :-|
काहे ? का हुई गवा चाचा ???
मैनेँ कुछ सोचते हुए सोमुचाचा से पुछा ......
इ लो तुमरे नाम से गाँव भर मेँ अफवाह फैलाया जा रहा है.....
फलानेवालेकी लड़की से तोहरा रिस्ता फिक्स हुवा है.....
का इ बात सच है बचुआ.... ??
अब क्या कहे चाचाजी....
पहलीवाली_लड़कीके घरवालोँ ने तो सिर्फ रिजेक्ट किया था.....
इ तो ससुरे रिजेक्ट करने के साथ साथ मेरा चड़्डी पैँड भी उतारने की फिराक मे लगते है !!!
इनकी बेटीआँ मुझे खा जानेवाली नजरोँ से देखती है
वाप भाई भी मेरे कैरक्टर को लेकर आस्वस्थ है कि चलो अच्छा बंदा है पर उसकी माँ ने मना कर दिया ....
चलो मनाकिया कोई बात नहीँ ये आपकी अधिकार क्षेत्र मे आता है पर का जरुरत थी गाँव भर मे ये ढ़िँडोरा पिटने कि
देखा देवबाबु के लड़के को लड़की नहीँ मिल रहा
सो हमरे घर मे रिस्ता के लिये पुछा था.... हमने तो साफ मना कर दिया !!
का वेकार लौँडा है..... DJ पर डेँस नहीँ करता , गाँव के रस्तोँ मेँ वाईक को हैलिकैप्टर कि तरह नही उडाता ,न वियर पिता है न मेरे बेटे को कभी पिलाया..... ना हमारे जयगुरुवावा का भक्त है
तब ऐसे लालची शर्मिले कुसंस्कारी नास्तिक लौड़ेँ को लड़की दे के का फायदा ???
हाय रे मेरी नादान प्रेमिकाओँ
तीन भूतपूर्व प्रेमिकाएँ यदि एक हो जाएँ...
साथ खाए, पिए ,मौज मनाएँ और दिर्घशंका के लिये खुले मैदानोँ मेँ जाया करती हो समझलो कुछ तो गड़बड़ है
प्रभा से रिस्ता टुटा तो मालती से इश्क लड़ा बैठे
मालती ने दिल तोड़ा तो मधु के प्रेमी बनेँ
लेकिन मेरी माँ को # मोहिनीपसंद थी...
वो उसे ही दुल्हन बनाना चाहती थी....
अब च्युँकि मोहिनी मेरा एक फुफेरा भाई मोहन से प्यार करती थी उसके घरवालोँ ने किसी रिस्ता से साफ इनकार करदिया ....
अब मधु और मेरे रिस्ते कि बात होने लगी
पर च्युँकि मधु के फादर व मोहिनी के डैड अच्छे दोस्त है
गुप्त मन्त्रणा के बाद
मधु के डैड ने कहा
वो अपने बड़े बेटे के शादी के बाद अपनी छोटी लड़की मधु कि मैरेज करेगेँ !
ज्ञात रहे
मधु के डैडी ने कुछ महिनो पहले अपनी बेटी कि शादी सिर्फ 16 साल मे करदेने कि बात कही थी क्युँकि Jaggnath जी का # NAVAKALEVARथा !
मोहिनी तथा उसके पाँच भाई बहन प्यार करके ही शादी किये है
ठिक है जितना इच्छा उतना प्यार करो
पर मेरे और मधु कि लभ स्टोरी बिगाड़ने का हक्क् किसने
दे दिया तुम्हे कलमुँही......
साथ खाए, पिए ,मौज मनाएँ और दिर्घशंका के लिये खुले मैदानोँ मेँ जाया करती हो समझलो कुछ तो गड़बड़ है
प्रभा से रिस्ता टुटा तो मालती से इश्क लड़ा बैठे
मालती ने दिल तोड़ा तो मधु के प्रेमी बनेँ
लेकिन मेरी माँ को # मोहिनीपसंद थी...
वो उसे ही दुल्हन बनाना चाहती थी....
अब च्युँकि मोहिनी मेरा एक फुफेरा भाई मोहन से प्यार करती थी उसके घरवालोँ ने किसी रिस्ता से साफ इनकार करदिया ....
अब मधु और मेरे रिस्ते कि बात होने लगी
पर च्युँकि मधु के फादर व मोहिनी के डैड अच्छे दोस्त है
गुप्त मन्त्रणा के बाद
मधु के डैड ने कहा
वो अपने बड़े बेटे के शादी के बाद अपनी छोटी लड़की मधु कि मैरेज करेगेँ !
ज्ञात रहे
मधु के डैडी ने कुछ महिनो पहले अपनी बेटी कि शादी सिर्फ 16 साल मे करदेने कि बात कही थी क्युँकि Jaggnath जी का # NAVAKALEVARथा !
मोहिनी तथा उसके पाँच भाई बहन प्यार करके ही शादी किये है
ठिक है जितना इच्छा उतना प्यार करो
पर मेरे और मधु कि लभ स्टोरी बिगाड़ने का हक्क् किसने
दे दिया तुम्हे कलमुँही......
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